Welcome to my poetry blog

I use this space to Catalogue the poems written by me.

Hope you enjoy them.

I am Tilottama Lele a poetry enthusiast.

By nature, am a spiritual person & an avid foodie who loves travelling.

Spending time with my grandsons is an absoute treat. Other than that I enjoy playing Sudoku, watching movies, trail walking and appreciating nature’s beauty in every form.

Also I love to write poetry in Marathi, Hindi and English. I have started this blog to keep a record of my poems which can then be shared with everyone.


🌷अंधेरे पिघलते हैं…


🌷अंधेरे पिघलते हैं...
कवयित्री : तिलोत्तमा विजय लेले

अंधेरे पिघलते हैं सूरज की रोशनी के सामने…
गरजने वाले बादल, कभी देखें हैं बरसते हुएं ?

सोच है मजबूत इतनी आस्मान को छूनेवाली…
तब झूठी दीवारें-झरोखें, टूटकर ढ़ेर होंगी ही…

बाते अगर हैं बुजदिल, तो बिखर ही जातीं हैं…
इरादे हैं फ़ौलादी तो हिम्मत ख़ुद-ब-खुद आएं…

अहम् से भरें रिश्ते-नाते ज्यादा देर नहीं टिकते…
शीशे-के-दिल आपसी टक्कर से टूट ही जाते हैं…

ग़मों के पहाड़ तलें दबे रहने से क्या फायदा ?
ज़िन्दगी जीने के लिए चाहिए मजबूत कलेजा…

जीवन के दौरान, आँधी आएं या फ़िर तुफ़ान…
सीना ताने मुक़ाबला करेंगे, चेहरे पर मुस्कान…

छिड़ गई जंग ज़िन्दगी की हम चाहे या न चाहें…
पल-पल बीतता जाएं, हम कुछ करें या न करें…

कांधे से कांधा मिलाकर हम साथ निभाते हुएं,
जिएंगे मिल-जुलकर, इन्सानियत-निभाते-हुएं…

🌷@तिलोत्तमा विजय लेले
🙏🕉️🔆
  • 🌷 One Day At A Time…

    D hospital, Prison n D cemetery…They say we need to visit these places…Then only we’ll know d Life’s nuances…Life doesn’t last as long as we like…Life is short, we need…

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  • 🌷 Witnessing Life…

    We spend so much of life, just trying to make each moment mean something…Life doesn’t ask us to understand it…Sometimes it asks to stay n witness it…

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  • 🌷 एक एहसास…

    हर जीव में, कण-कण में…परमात्मा का अंश मिलें है…अपनी अपनी जगह हरेक जीवन महत्व-पूर्ण होता है…सांस लेते हैं, सांस छोड़ते हैं…हमारे बस में कुछ भी नहीं है…जब नियंत्रण खोया सांस…

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  • 🌷 कौन है असली दुश्मन…

    अक्सर हम जिन्हें शत्रु समझ लेते हैं, वो दरअसल दुश्मन होते भी नहीं हैं… सचमुच के दुश्मन तो अंदर होते हैं, अंत:करण में बैठे विनाश करवाते हैं… ज़िन्दगी को खोखला…

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  • 🌷शब्द वेडे फितूर तुजसी…

    गुपचुप दबक्या-पावलांनी येते मनी तू… एखादी हळुवार सुखद आठवण बनून… मनात आठवांची अनुभूती, लोचने मिटून…शब्द वेडे फितूर तुजसी असे बसले हटून…

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  • 🌷 मी मलाच शोधत आहे…

    गोफ गुंफतां-गुंफतां स्वप्नातले धागे गुंतत गेले…त्या गुंत्यातच जणू माझे “मीपण” हरवत गेले…उधळली अवघीच फुले, उधळले जीवन सगळे…आयुष्य जगतांना स्वप्नातल्या सावल्यांचा मागोवा चालू आहे…घेऊन पुढ्यात हे आयुष्य, मी मलाच शोधत आहे…

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Poems by language


लेखनाचे प्रकार

भावगीत, भजन, भक्तिगीते, अभंग, भूपाळी, मराठी गझल, हिंदी गज़ल, अंगाई गीत, देशभक्तीपर गाणी बडबडगीते, बालगीते, युगुल प्रणय गीतं, शास्त्रीय संगीत-रागांवर आधारित बंदिश, कोळी गीते, नाट्य गीते, प्रार्थना, पावसाची गाणी, गवळण.

प्रेरणादायी व्यक्तिमत्व

छत्रपती शिवाजी महाराज, बाल शिवाजी -शिवबा, समर्थ रामदास स्वामी, स्वातंत्र्यवीर सावरकर, स्वामी विवेकानंद, सरदार वल्लभभाई पटेल, श्रीकृष्णाची शिकवण, भगवद्गीता, श्रीराम, अर्जुन, कर्ण, सिकंदर-पौरस

सणावारांवर बेतलेल्या कविता/गाणी

दिवाळी-भाऊबीज, गणेशोत्सव, पाडवा, गुढीपाडवा, दसरा, होळी, रंगपंचमी, धूलीवंदन, जन्माष्टमी, कोजागिरी पौर्णिमा, नवरात्र, आई अंबाबाई, शारदीय नवरात्रोत्सवाच्या पहिल्या माळेपासून, विजयादशमी पर्यंत प्रत्येक दिवसानिमित्त, गणेश चतुर्थी, संकष्टी, महाशिवरात्री, आषाढी एकादशी, विठ्ठल रखुमाई, हनुमान जयंती, वटपौर्णिमा, रक्षाबंधन, पोळा / पोंगल, दत्त जयंती, मकरसंक्रांत

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