
🌷दिलवालों की दुनिया…
कवयित्री : तिलोत्तमा विजय लेले
दीपक हसरतों के अब जलाएं रखेंगे
ज़िंदगी भर इन्तज़ार हम करते रहेंगे…
मोहब्बतें सब दिलों में जगाने चलें तो
कायनात भी साथ-साथ हाथ बंटाएं…
पथ-पथ पर पेड़ों की घनी सी चादर
जिससे मिलती है राहगीरों को राहत…
धड़कनें कह रही है दिलों की सदाएँ
उमंगों से भरीं हुईं हैं, ज़िंदगी की राहें…
अँधेरों को रोकने हेतु हम उजाले करेंगे
चरागों को कभी भी हम बुझाने ना देंगे…
हर आँखों ने जो जो भी ख़्वाब हैं संजोए
उनके सपनों को हम सब साकार करेंगे…
दीवारें जितनी चाहे कोई ग़र खड़ी करेंगे
हिमाचल जैसे हौसलों से ढेर ही कर देंगे…
चाँद सितारे भी आसमान से देंगे दुआएँ
गहरी नील झील सी हैं, पानी की फुहारें…
खिलें खिलें गुलों की महकती हुई घटाएँ
धूप की शाल ओढ़कर पहाड़ ऐसे खड़े है…
कुदरत भी शामिल है, यूँ साथ निभाने में
दिलवालों की इक दुनिया बसाने के लिए…
🌷@तिलोत्तमा विजय लेले
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