
🌷 बड़ी बात…
कवयित्री : तिलोत्तमा विजय लेले
कल के उजाले की उम्मीद पर
तमों से लड़ते रहना जायज़ है…
सच्चाई को जीताने के काम में
झूठों का पर्दाफाश ज़रूरी है…
किसी के होंठों पे हंसी लाने में
आंसु बहाना पड़े तो जायज़ है…
किसी भूखे को भोजन देने में
ख़ुद अनशन करना वाजिब है…
किसी प्यासे की प्यास बुझाने,
स्वयं को तड़पाना भी मंजूर है…
बातें कितनी भी मुश्किल हो,
कोशिशें जारी रखना ज़रूरी है…
जेब में फुटी कौड़ी भी ना हो,
किसी का हौंसला बढ़ाना ही है…
किसी भूलें-भटके को सही राह
दिखाना इन्सानियत का काम है…
ख़ुद को छोड़, दूसरे का भला
जो सोचता है, वो बंदा महान है…
जन्म और मृत्यु तो अटल है…
इस बीच जीवन सफ़ल करना है…
स्वयं के लिए तो हर कोई जीता है
दुसरों के लिए जीना, बड़ी बात है…
🌷@तिलोत्तमा विजय लेले
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