Welcome to my poetry blog

I use this space to Catalogue the poems written by me.

Hope you enjoy them.

I am Tilottama Lele a poetry enthusiast.

By nature, am a spiritual person & an avid foodie who loves travelling.

Spending time with my grandsons is an absoute treat. Other than that I enjoy playing Sudoku, watching movies, trail walking and appreciating nature’s beauty in every form.

Also I love to write poetry in Marathi, Hindi and English. I have started this blog to keep a record of my poems which can then be shared with everyone.


🌷कुछ ओस की बूँदें…


कविता : 🌷 " कुछ ओस की बूँदें... "
कवयित्री : तिलोत्तमा विजय लेले

जब-जब अनोखी बात, दिल को छू लेती है,
कुछ ओस की बूँदें आंखों से छलक जाती हैं...

पू्रा दिन मजदूरी कर के, ज़मीं पर सोएं हुए
बंदे को देखकर, छलकीं कुछ ओस की बूँदें...

हर सिग्नल पर काम करते या भीख मांगते हुए,
अनाथ बच्चे देखते ख़ूनके आंसू निकल आते हैं...

दूध पीते बच्चों को घर में छोड़ती मजबूर मांएं,
देखकर अपने आप छलकीं कुछ ओस की बूँदें...

हर हालमें बच्चों को पढ़लिखके विदेश भेज दें,
उनका दुलार देख के निकल पड़ी ओस की बूँदें...

वृद्धाश्रम में आख़री दम तक उनकी राह देखते हैं,
खुदगर्ज औलादों से पीड़ित बड़े बूढ़ों को देख के...

कुछ ओस की बूँदें नैनों से अलग हो ही जाती हैं...
जब दुःख के काले बादलों से घिरे होते जीवन में,

जब बिजली सी कड़कें, और फरिश्ता आए बचाने...
आशा की किरण देखते, ओस की बूँदें छलकती हैं...

ज़िन्दगी तान-तनाव में, कभी धूप तो कभी छांव है,
ईश्वरीय संकेत से छलक ही जाती हैं अश्क की बूँदें...

जीवन के हर मोड़ पर रंग लाती दुवाओं को देख के,
एहसास भरीं कुछ ओस की बूँदें निकल ही जाती हैं...

🌷@तिलोत्तमा विजय लेले
🙏🕉️🔆
  • 🌷कुछ ओस की बूँदें…

    जीवन के हर मोड़ पर रंग लाती दुवाओं को देख के, एहसास से भरीं कुछ ओस की बूँदें निकल ही जाती हैं…जब-जब अनोखी बात, दिल को छू लेती है… कुछ…

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  • 🌷होई शुभपर्व-आरंभ…

    होळीमध्ये होतं सगळ्याच अनिष्ट-गोष्टींचं दहन…अन् अनिष्ट-प्रवृत्तींच्या रज-तम कणांचं विघटन…अनिष्ट रूढी, घातक परिणाम करणारे सर्वच घटक, यांचं पूर्ण दहन झाल्यावर, होई शुभपर्व-आरंभ…

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  • 🌷 हृद्गत…

    हृदयाच्या स्पंदनात…बाळ ज्ञानेश्वर तयात…गीतेमधील दिव्य-ज्ञान… आणिले मराठी भाषेत…चंद्रभागेच्या पाण्यात, गाथा तरंगत राहिली… अजरामर अशी वाणी, भक्तिरसातच भिजली…

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  • 🌷Mending-D-Soul

    Der R times when life will knock us down, To test how fast we get up from ground…Healing happens with intention n practice, through long walks, in d Nature’s Bliss.

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  • 🌷Complex Mind

    Human mind is one of it’s kind, It’s a blend of complicated Things…Speculating about unreal things…Worried about problems, non-existing…

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  • 🌷ऋण, मातृ-भाषेचे…

    मराठी शिकून-बोलून तयार होतील लखलखते हिरे, स्वच्छ-सुस्पष्ट-उच्चार वाणीवर होती संस्कार गहिरे…मायबोलीचा यथार्थ सन्मान करण्याचे होता सुसंस्कार, खात्रीने सर्व बाल-मनांना देतील सुंदर-सुयोग्य-आकार !

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Poems by language


लेखनाचे प्रकार

भावगीत, भजन, भक्तिगीते, अभंग, भूपाळी, मराठी गझल, हिंदी गज़ल, अंगाई गीत, देशभक्तीपर गाणी बडबडगीते, बालगीते, युगुल प्रणय गीतं, शास्त्रीय संगीत-रागांवर आधारित बंदिश, कोळी गीते, नाट्य गीते, प्रार्थना, पावसाची गाणी, गवळण.

प्रेरणादायी व्यक्तिमत्व

छत्रपती शिवाजी महाराज, बाल शिवाजी -शिवबा, समर्थ रामदास स्वामी, स्वातंत्र्यवीर सावरकर, स्वामी विवेकानंद, सरदार वल्लभभाई पटेल, श्रीकृष्णाची शिकवण, भगवद्गीता, श्रीराम, अर्जुन, कर्ण, सिकंदर-पौरस

सणावारांवर बेतलेल्या कविता/गाणी

दिवाळी-भाऊबीज, गणेशोत्सव, पाडवा, गुढीपाडवा, दसरा, होळी, रंगपंचमी, धूलीवंदन, जन्माष्टमी, कोजागिरी पौर्णिमा, नवरात्र, आई अंबाबाई, शारदीय नवरात्रोत्सवाच्या पहिल्या माळेपासून, विजयादशमी पर्यंत प्रत्येक दिवसानिमित्त, गणेश चतुर्थी, संकष्टी, महाशिवरात्री, आषाढी एकादशी, विठ्ठल रखुमाई, हनुमान जयंती, वटपौर्णिमा, रक्षाबंधन, पोळा / पोंगल, दत्त जयंती, मकरसंक्रांत

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