
कविता - 🌷" वक्त "
कवयित्री - तिलोत्तमा विजय लेले
गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने यह संदेश दिया है
"यह वक्त गुजर जाएगा"चाहें वो कौनसा भी हो
यह संदेश वक्त की चंचलता-बदलाव दर्शाता है
दुःखीजनोंके मनमें आशा की किरन जगाता है
ख़ुशियों में मग्न हुए लोगों को चेतावनी देता है,
ज्यादा इतराओगे तो बाद में जरूर पछताओगे
"वक्त" मानो एक ऐसा अद्भुत-अनोखा-परिंदा है
जो एक डाली पर अधिक देर रूकता ही नही है
हर पल हर लम्हा, वक्त तो बदलता ही रहता है
पल चाहें सुख के हो या फिर हो दु:ख देने वाले
वक्त हरदम गुजरता हुआ, जैसे पानी का झरना
वो सिर्फ ये जानता है, बस्स सदा बहते ही रहना
समय की "धारा"जपते रहें, वो"राधा"हो जाती है…
जीवन में वक्त ही हमें, चौकन्ना रहना सिखाता है
गुजर गया जो पल, फ़िर लौट कर नहीं आता है…
इसलिए सदा-वक्त-का-सम्मान-करना बेहद-ज़रूरी है…
🌷@तिलोत्तमा विजय लेले
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