
कविता :🌷 " ज़िन्दगी इक ख़्वाब सी "
कवयित्री : तिलोत्तमा विजय लेले
वो जो बेहद खूबसूरत से लम्हें…
जब ज़िंदगी में दबे पांव से आएं…
आते ही हल्के हल्के से मन में,
एहसासों को बिखेर कर छूं लिए…
फ़िर पल-पल मन के झील में…
अरमानों के पंख लगाएं मुस्काएं…
यूं शर्मिली सी सतरंगों की तरंगें,
चलें पूरी कायनात की सैर करने…
पगली सी पवन बातों से करें इशारें…
आंखों ही आंखों में झांके, बातें करें…
मौसम बदले, जादू सा रंगीन हो जाएं,
ज़िन्दगी इक ख़्वाब सी हसीं हो जाएं…
🌷@तिलोत्तमा विजय लेले
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